रायपुर. अग्रसेन महाविद्यालय, पुरानी बस्ती में पत्रकारिता विभाग, आई.क्यू.ए.सी. तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में आज महाविद्यालय के सभागार में “युवा मतदाता और लोकतंत्र” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेवभाई शर्मा मुख्य अतिथि रहे. वहीँ, राज्य के पूर्व चुनाव आयुक्त डॉ सुशील त्रिवेदी (रिटायर्ड आई.ए.एस.) ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की.. विशेष अतिथि के रूप में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ शैलेन्द्र पटेल आमंत्रित थे. साथ ही स्वीप कार्यक्रम के सहायक नोडल अधिकारी डॉ चुन्नीलाल शर्मा ने अतिथि वक्ता के रूप में मतदान के महत्व पर जानकारी दी. संगोष्ठी में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि भारत में लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवा मतदाता ही सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं. इसलिए युवा मतदाता ही लोकतंत्र की प्रमुख शक्ति हैं. इस कार्यक्रम में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रोनिक विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ नरेंद्र त्रिपाठी भी विशेष रूप से उपस्थित थे.
संगोष्ठी में अपने विचार रखते हुए *कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेवभाई शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया “सर्वश्रेष्ठ चयन” पर आधारित होती है. प्रो शर्मा ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं का उद्देश्य काल पढ़ाई लिखाही ही नहीं है, बल्कि छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाना भी इनका प्रमुख उद्देश्य है. उन्होंने इस अहम विषय पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए महाविद्यालय की विशेष रूप से सराहना की*. राज्य के पूर्व चुनाव आयुक्त डॉ सुशील त्रिवेदी (रिटायर्ड आई.ए.एस.) ने संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर के कथन को दोहराते हुए बताया कि- डॉ आंबेडकर ने यह चिंता जताई थी कि यदि लोकतंत्र में चुने हुए लोग निष्ठावान और ईमानदार नहीं हुए तो संविधान की भावना भी प्रभावित हो जायेगी. *रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ शैलेन्द्र कुमार पटेल ने कहा कि आजादी के बाद से साक्षरता तो पचास प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई है. लेकिन मतदान केवल पंद्रह प्रतिशत ही बढ़ सका है. इसलिए मतदाता जागरूकता के कार्यक्रम जरुरी हैं. देश के मतदाता जैसे-जैसे जागरूक होते जायेंगे, यह लक्ष्य आसान होता जायेगा*. स्वीप कार्यक्रम के सहायक नोडल अधिकारी डॉ चुन्नीलाल शर्मा ने कहा कि इस बार “सी-विजिल”, “सक्षम” और “नो-योर-केंडीडेट” जैसे मोबाइल एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति चुनाव के लिए दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं को प्राप्त कर सकता है. उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान के माध्यम से चुनाव आयोग ने युवा मतदाताओं को अधिक से अधिक संख्या में वोट डालने के लिए जिस तरह से प्रेरित किया गया है, उसी का नतीजा है कि लगातार मतदान का प्रतिशत बढ़ रहा है.
प्राचार्य डॉ युलेन्द्र कुमार राजपूत ने कहा कि लोकतंत्र को आदर्श स्थिति तक पहुँचाने के लिए मतदाता का समझदार होना सबसे पहली आवश्यकता है. इसीलिए युवाओं को जागरूक करने की जरुरत है.












