
रायपुरआमतौर पर गुलाब को प्यार और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है, लेकिन सूरजपुर जिले के एक किसान ने इसे अपनी सफलता का आधार बना दिया है। ग्राम डुमरिया निवासी किसान भोला प्रसाद अग्रवाल ने गुलाब की आधुनिक खेती अपनाकर न केवल अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।
वर्ष 2023 में उन्होंने पारंपरिक खेती से हटकर उन्नत तकनीक की ओर कदम बढ़ाया। करीब 2 एकड़ भूमि में उन्होंने दो अत्याधुनिक पॉलीहाउस स्थापित किए। इस परियोजना पर लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें 90 लाख रुपये बैंक ऋण, 30 लाख रुपये स्वयं की पूंजी और राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड से 50 प्रतिशत अनुदान शामिल है।
इन पॉलीहाउस में डच किस्म के करीब 80 हजार गुलाब पौधे लगाए गए हैं। नियंत्रित तापमान और वैज्ञानिक पोषण प्रबंधन के कारण यहां सालभर उत्पादन होता है। वर्तमान में इस फार्म से प्रतिदिन औसतन 3 से 4 हजार गुलाब स्टिक का उत्पादन हो रहा है। तैयार फूलों की आपूर्ति बनारस, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के विभिन्न बाजारों में की जाती है।
इस आधुनिक खेती से भोला प्रसाद अग्रवाल को हर माह औसतन 2 से 3 लाख रुपये की आय हो रही है। श्रमिकों के खर्च, खाद, उर्वरक और रखरखाव लागत निकालने के बाद भी यह खेती बेहद लाभकारी साबित हो रही है और नियमित आमदनी का मजबूत जरिया बन चुकी है। श्री अग्रवाल बताते हैं कि पारंपरिक खेती पूरी तरह मौसम पर निर्भर रहती है, जिससे जोखिम अधिक होता है। वहीं पॉलीहाउस तकनीक ने इस जोखिम को काफी हद तक कम कर दिया है। नियंत्रित वातावरण में उगाए गए फूलों की गुणवत्ता बेहतर होती है, जिससे बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं।








