
जगदलपुर :बस्तर जिले में शिक्षा और ज्ञान की नई अलख जगाने के उद्देश्य से आयोजित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को महापरीक्षा का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। जिला प्रशासन की इस अनूठी पहल ने पूरे जिले को साक्षरता के महापर्व में सराबोर कर दिया, जहाँ सुदूर वनांचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक शिक्षा का उत्साह देखने को मिला। कलेक्टर आकाश छिकारा और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस परीक्षा में जिले भर के कुल 25,706 परीक्षार्थियों ने सम्मिलित होकर अपने हुनर का प्रदर्शन किया। यह आयोजन महज एक परीक्षा नहीं, बल्कि उन बुजुर्गों और युवाओं के लिए स्वावलंबन की एक नई शुरुआत बनकर उभरा है, जो किन्हीं कारणों से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी नहीं कर पाए थे।
इस महापरीक्षा की सबसे प्रेरक और हृदयस्पर्शी तस्वीर जगदलपुर के केंद्रीय कारागार और पुनर्वास केंद्रों से निकलकर सामने आई। जहाँ एक ओर जेल की सलाखों के पीछे रहने वाले 94 पुरुष और 47 महिला बंदियों ने साक्षरता की मुख्यधारा से जुड़कर अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर आड़ावाल स्थित पुनर्वास केंद्र में 28 पुर्नवासितों ने भी हाथों में कलम थामकर विकास और शांति की दिशा में अपना पहला कदम बढ़ाया। इन नव-साक्षरों का उत्साह यह बताने के लिए काफी था कि बस्तर अब पूर्ण साक्षर होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है और ज्ञान का उल्लास हर वर्ग के जीवन में रोशनी फैला रहा है।









