
रायपुर:श्री शंकराचार्य आश्रम बोरियाकला के प्रमुख दंडी स्वामी डॉ. इंदुभवानंद महाराज ने चैत्र नवरात्रि को लेकर भक्तों के मन में बने भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि इस वर्ष नया संवत्सर और नवरात्रि का घट ‘कलश’ स्थापना 19 मार्च को ही की जानी चाहिए।
डॉ इंदुभवानंद महाराज ने कहा इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की तिथि को लेकर कई लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शास्त्रों के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही नया संवत्सर प्रारंभ होता है और इसी दिन नवरात्रि के लिए घट ‘कलश’ स्थापना की जाती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 19 और 20 मार्च दोनों ही दिनों सूर्योदय के समय प्रतिपदा तिथि उपलब्ध नहीं है। 19 मार्च को सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि एक घटी 36 पल तक रहेगीए जिसके बाद प्रतिपदा प्रारंभ होगी।
वहीं प्रतिपदा तिथि 20 मार्च को सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी और सुबह 5.25 बजे इसका समापन हो जाएगा। इस कारण दोनों दिनों के उदयकाल में प्रतिपदा तिथि का अभाव बन रहा है। महाराज ने बताया कि ऐसी स्थिति में शास्त्रों में वर्णित निर्णय सिंधु के अनुसार यदि किसी तिथि का उदयकाल दोनों दिन नहीं मिलता है तो पूर्व दिन को ही ग्रहण करना चाहिए।
उन्होंने कहा इसी आधार पर 19 मार्च को ही नया संवत्सर आरंभ माना जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि 19 मार्च गुरुवार को ही घट स्थापना, कलश स्थापना तथा नए संवत्सर का स्वागत किया जाए, जिससे शास्त्र सम्मत रूप से नवरात्रि की शुरुआत हो सके।









