
बिलासपुर:छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा बिना मान्यता के स्कूल संचालन इस कोर्ट के आदेश की अवमानना है
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कृष्णा पब्लिक स्कूल को बनाया पार्टी नोटिस जारी किया है।
– इंटरवीनर विकास तिवारी की याचिका पर सख्त कार्रवाई, नोटिस और शिक्षा सचिव को पर्सनल एफिडेविट का आदेश
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा एवं जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल) की डिवीजन बेंच ने आज WPPIL No. 22/2016 के मामले में इंटरवीनर विकास तिवारी (In Person) की दो प्रमुख शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया और सख्त आदेश जारी किए।कोर्ट ने कहा की पुरानी शिकायतों पर लापरवाही की गई है.
विकास तिवारी ने हाईकोर्ट को बताया कि डायरेक्टर,डीपीआई, छत्तीसगढ़ ने उनके शिकायतों को 05 फरवरी 2026 को DEO दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर को भेज दिए थे और एक हफ्ते में कार्रवाई का आदेश दिया था। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कोर्ट का आदेश: डिप्टी डायरेक्टर, पब्लिक इंस्ट्रक्शंस को निर्देश दिया गया कि संबंधित DEO अपने 05.02.2026 के आदेश का तत्काल पालन करें और अगली सुनवाई (24 मार्च 2026) तक कोर्ट को परिणाम की रिपोर्ट सौंपें।
2. कृप्णा पब्लिक स्कूल का अवैध विज्ञापन – कोर्ट ने लिया संज्ञान
विकास तिवारी ने IA No. 14/2026 के माध्यम से Annexure I-46 (पत्रिका दैनिक, 07 मार्च 2026) को कोर्ट के समक्ष रखा। इसमें कृप्णा पब्लिक स्कूल, तुलसी, रायपुर ने सत्र 2026-27 के लिए छह स्कूलों (तुलसी कृष्णा किड्स एकेडमी, मोवा; शंकर नगर; न्यू राजेंद्र नगर; सुंदर नगर; शैलेंद्र नगर) में एडमिशन खोलने का विज्ञापन प्रकाशित किया है।
विकास तिवारी ने तर्क दिया कि ये स्कूल बिना आवश्यक मान्यता के चल रहे हैं और कोर्ट के पुराने आदेशों (05.08.2025, 13.08.2025 एवं 17.09.2025) का उल्लंघन कर नए एडमिशन का विज्ञापन दे रहे हैं, जो कोर्ट की गरिमा का अपमान है।
कोर्ट का तत्काल फैसला:
• “Krishna Public School, through Principal, Tulssi, Baradera Road, Near CRPF Camp, Tulsi, Raipur” को Respondent No. 51 बनाया गया।
• IA No. 14/2026 पर नोटिस जारी करने का आदेश।
• राज्य के अधिवक्ता को नोटिस सर्व करने का निर्देश।
• स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को इस IA पर पर्सनल एफिडेविट दाखिल करने का आदेश दिया गया।
महत्वपूर्ण हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना मान्यता वाले स्कूलों द्वारा एडमिशन का विज्ञापन “contempt of the lawful authority of this Hon’ble Court” है।
विकास तिवारी ने कहा:
“हाईकोर्ट ने आमजन की शिकायतों और RTE एक्ट के उल्लंघन पर संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है। यह गरीब बच्चों के अधिकारों की जीत है।”अगली सुनवाई 24 मार्च 2026 को होगी।







