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बेमेतरा:जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी ने 08 मार्च 2026 को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले के समस्त नागरिकों से जल संरक्षण के लिए सामूहिक पहल करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेमेतरा जिला गंभीर जल संकट की चुनौती का सामना कर रहा है और यदि अभी से जल संरक्षण के लिए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित नहीं की गई, तो आने वाले वर्षों में यह संकट और भी गंभीर रूप ले सकता है उन्होंने कहा कि जल के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना करना असंभव है जल केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि समस्त जीव-जगत के अस्तित्व का आधार है। इसलिए वर्तमान समय में हम सभी का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है कि जल का संरक्षण करें, उसका उचित संवर्धन करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सुरक्षित रखें जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी ने कहा कि “जल है, तो कल है” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारे जीवन की सच्चाई है। यदि हम आज जल की एक-एक बूंद को बचाने का प्रयास करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण महाभियान के अंतर्गत जिले में लोगों को जागरूक करने का व्यापक प्रयास किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक नागरिक जल के महत्व को समझे और इस दिशा में सक्रिय योगदान दे उन्होंने कहा कि जल शक्ति से ही नारी सशक्त होती है, क्योंकि घर-परिवार और समाज के जीवन में जल का सबसे अधिक संबंध महिलाओं से ही जुड़ा होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को जल की व्यवस्था के लिए कई बार लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इसलिए जल संरक्षण की दिशा में उठाया गया प्रत्येक कदम महिलाओं के जीवन को भी सरल और सशक्त बनाने का कार्य करता है कल्पना योगेश तिवारी ने जिले के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि 08 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बेमेतरा जिले के प्रत्येक घर में “रिचार्ज पिट” का निर्माण करने का संकल्प लिया जाए। यह एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी उपाय है, जिसके माध्यम से वर्षा का पानी सीधे भूमि के भीतर समाहित होकर भूजल स्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि प्रत्येक परिवार अपने घर में रिचार्ज पिट का निर्माण करता है, तो इससे जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जा सकता है उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम केवल सरकारी प्रयासों पर निर्भर न रहें, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जल संरक्षण की जिम्मेदारी अपने स्तर पर निभानी चाहिए। जब समाज और शासन दोनों मिलकर कार्य करते हैं, तब ही बड़े परिवर्तन संभव हो पाते हैं जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि जल संकट को दूर करने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय वर्षा जल का संरक्षण है। यदि हम वर्षा के जल को व्यर्थ बहने से रोककर उसे भूमि के भीतर पहुंचाने की व्यवस्था करें, तो आने वाले समय में भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। रिचार्ज पिट का निर्माण इसी दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उपयोगी कदम है उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जन-जन की आदत और जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। जब प्रत्येक व्यक्ति जल के महत्व को समझते हुए उसका उपयोग सावधानी और जिम्मेदारी के साथ करेगा, तभी हम जल संकट से मुक्ति पा सकेंगे कल्पना योगेश तिवारी ने जिले के सभी नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे स्वयं भी जल की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प लें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी जल संरक्षण के लिए प्रेरित करें अंत में उन्होंने कहा कि विश्व महिला दिवस के पावन अवसर पर पृथ्वी में जल बचाकर जीवन बचाने के इस महाभियान में सभी नागरिक अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें, ताकि बेमेतरा जिला आने वाले समय में जल संकट से मुक्त होकर समृद्ध और सुरक्षित भविष्य की ओर अग्रसर हो सके।









