
रायपुर:राज्य शासन द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के विषय में जागरूक करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय बलौदाबाजार स्थित जिला ऑडिटोरियम में गुरुवार को श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया।कार्यकम में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को 1 करोड़ 4 लाख से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिक एवं उनके परिवार के खाते में आतंरित की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य शासन द्वारा श्रमिकों और उनके परिवार को खुशहाल बनाने के लिए 31 से अधिक कार्यक्रम और योजनाएँ संचालित हैं,जिनकी जानकारी सभी श्रमिक भाइयों और बहनों को होना ज़रूरी है तभी वे इन योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का यही उद्देश्य है। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा श्रमिक भाई बहनों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने ऐसे कार्यकम सार्थक भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्रम कल्याण मंडलके अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रमिकों के हितों के लिए क्रांतिकारी कदम उठाते हुए चार नए लेबर कोड लागू करने का निर्णय लिया गया है जो निश्चित रूप से श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सबल करने की दिशा में बड़ा कदम है।उन्होंने कहा देश की आबादी का 45 प्रतिशत असंगठित क्षेत्र के मजदूर हैं जिनके आर्थिक और सामाजिक विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है इसी लिहाज से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।उन्होंने देश में लागू चार नए लेबर कोड (श्रम संहिताओं)मजदूरी संहिता, 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों या ओएसएच संहिता 2020 और औद्योगिक संबंध संहिता 2020 के लाभ के बारे में विस्तार से बताया। नए श्रम कानूनों के मुताबिक देश भर में राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा।








