
रायपुर:आज अनुराग पाण्डेय पूर्व आई ए एस ने विद्युत नियामक आयोग के समक्ष बेमता के किसान नेता भूपेन्द्र शर्मा के साथ कृषि क्षेत्र हेतु विद्युत दरों तथा इससे संबंधित विषयों पर एक सारगर्भित याचिका प्रस्तुत कर कृषि क्षेत्र व किसानों का विभिन्न विषयों पर पक्ष रखा ।जिनमे प्रमुख रुप से
1.आयोग से जनसुनवाई हेतु प्रस्तुत समस्त प्रस्तावों को व्यापक समझ हेतु हिंदी में भी उपलब्ध कराने को कहा जिससे आम उपभोक्ता ,किसान इसे समझ कर सुझाव दे सके।
2.विगत 50 वर्षों से सरकारों द्वारा ग्रामीण,कृषि क्षेत्र के विद्युत आधारभूत संरचनाओं के विकास हेतु करोड़ो रूपये अनुदान दिया गया है उसे केवल दिए गए मद अर्थात कृषि में ही गणना करें। जिससे इस क्षेत्र की फिक्स्ड कॉस्ट शून्य हो सकती है और केवल O&M की ही गणना की जावे।अनुदान को वाणिज्य एवं उद्योग हेतु विभाजित नही किया जाय।इससे कृषि हेतु बिजली सस्ती होगी।
3.कृषि क्षेत्र हेतु भी *Time of the Day Tariff एवम Solar Hours* की सुविधा प्रदान की जावे।जिससे दिन के समय जब 10 -20 पैसे में भी बिजली,एक्सचेंज से प्राप्त होती है तो इसका लाभ किसानों को भी दिया जावे।
4.सबसे महत्वपूर्ण विगत सालों में विद्युत दरों में कृषि क्षेत्र में 15℅ वही उद्योग और वाणिज्य में मात्र 6% की वृद्धि दर्ज की गई है।अर्थात कृषि में बढ़ोतरी लगभग 3 गुनी रही है।इसे कम करने की महती आवश्यकता है।इसके समर्थन में तालिका भी प्रस्तुत की गई।
5.*KJJY* के अंतर्गत 5 HP तक के पम्पो को छूट दी गई है इसे किसान के सभी दूसरे,तीसरे आदि पम्प मे ,जैसे उद्योगपति के सभी उद्योगों बिना किसी शर्तो/संख्या के छूट सस्ती दर आदि का लाभ दिया जाता है वैसे ही किसानों को भी दिया जावे।
_इसके अतिरिक्त टेम्परी कनेक्शन को और अधिक सरल बनाने तथा ट्रांसफॉर्मर की उपलब्धता /क्षमता बढ़ाने की मांग की गई।वही आयोग को बिजली बकाया की वसूली के लिए बैंक आदि के समान *One Time Settlement OTS* योजना सहित अनेक मांग प्रमुख रूप से शामिल हैं।अनुराग पाण्डेय ने बताया आयोग ने सुझावों को विचार करने का आश्वासन दिया है।






