बेमेतरा:महान संत, समाज सुधारक और मानवता के पथप्रदर्शक सतनामी पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जन्म जयंती के पावन अवसर पर ग्राम गुणरबोड़ एवं में भव्य एवं श्रद्धामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा गुरु घासीदास जी के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई इसके पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए योगेश तिवारी ने बाबा जी के विचारों को आज के समय में और अधिक प्रासंगिक बताया सत्यनाम ही मानवता की सबसे बड़ी पहचान है” अपने संबोधन में भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी ने कहा— बाबा गुरु घासीदास जी केवल किसी एक समाज के संत नहीं थे, वे पूरे मानव समाज के लिए सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश लेकर आए। उन्होंने हमें सिखाया कि जाति, वर्ग, और भेदभाव से ऊपर उठकर मानव धर्म को अपनाना ही सच्चा धर्म है। उन्होंने आगे कहा— आज का समाज भौतिकता की दौड़ में सादा जीवन और उच्च विचार को भूलता जा रहा है बाबा गुरु घासीदास जी ने ‘सत्यनाम सुमिरन’ के माध्यम से हमें यह बताया कि सच्ची भक्ति, सच्ची पूजा मन की पवित्रता और कर्म की सच्चाई में होती है सादा जीवन, ऊँचा विचार—आज की सबसे बड़ी जरूरत योगेश तिवारी ने अपने विचार रखते हुए कहा— अगर हम बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर चलें, तो समाज से नफरत, हिंसा, और भेदभाव अपने आप समाप्त हो जाएगा आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने बच्चों को केवल पढ़ाएँ ही नहीं, बल्कि उन्हें सत्य, सेवा और सादगी के संस्कार भी दें। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि— “जाति, पार्टी और व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर मानवता, भाईचारे और सामाजिक समरसता को अपनाएँ। यही बाबा गुरु घासीदास जी के प्रति सच्ची होगी।” ग्रामीणों में दिखा उत्साह, श्रद्धा और आत्मीयता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, मातृशक्ति, युवा एवं बुजुर्ग उपस्थित रहे। जिसमें शामिल हुए ग्राम गुणरबोड़ हरीश चंद्र लहरें, कालेश्वर बंजारे, देवचरण बारले, राजेश्वर कोसले, कलीराम बंजारे, अनिल धुत, राजा बंजारे, गोपाल सोनवानी, आत्माराम बंजारे। ग्राम बासा जयंती नरोत्तम देशलहरे ,राजकुमार बंजारे,टापू लाल टंडन,गणेश बारले,रघु दिवाकर,पीटू दिवाकर,सुखदेव दिवाकर ,सुमित देशलहरे,शिव टंडन,तुमन बारले,राहुल टंडन,राजा बांधे,नदकिशोर,गोवर्धन दिवाकर
सुनील दिवाकर ,कामता दिवाकर,नरोत्तम सभी ने एक स्वर में बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने मुख्य अतिथि योगेश तिवारी का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि— “ऐसे जनप्रतिनिधि, जो केवल राजनीति नहीं बल्कि समाज, संस्कृति और विचारों की बात करते हैं, वही सही अर्थों में समाज को दिशा देते हैं कार्यक्रम बना सामाजिक चेतना का माध्यम यह आयोजन केवल एक जयंती कार्यक्रम न होकर सामाजिक चेतना, आत्ममंथन और मानव धर्म के संदेश का मंच बन गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सत्य, अहिंसा और सद्भाव के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम ग्राम गुणरबोड़,बासा ही नहीं, पूरे क्षेत्र के लिए सामाजिक एकता और मानव मूल्यों की प्रेरणा बन गया।







