बेमेतरा:कृषि उपज मंडी प्रांगण में ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा “तनावमुक्त जीवन” विषय पर भव्य प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी पूनम बहन (सी.एस., कम्पनी सेक्रेटरी) ने जीवन में शांति, आत्मबल और सकारात्मक सोच के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर सांसद विजय बघेल,, जिलीपंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि योगेश तिवारी प्रहलाद रजक (अध्यक्ष, छ.ग. रजककार विकास बोर्ड), विजय सिन्हा (अध्यक्ष, नगरपालिका परिषद बेमेतरा) तथा भाजपा जिलाध्यक्ष अजय साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
इस अवसर दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल ने कहां आज के ईस तनाव युक्त जीवन जी रहे भागदौड़ कि जिंदगी में अपना परिवार अपना जीवन सब कुछ भुल गये है और सिर्फ और सिर्फ भाग रहे हैं शरीर को नुक़सान पहुँचाये रहे है टेन्शन ले रहे है ऐसे समय मे ब्रह्मकमारी ईश्वर विधालय के द्वारा योग ध्यान के माध्यम से मनुष्य जीवन को सुकन शांति पहुँचाने का काम कर रह है मे खुद दो से तीन बार माऊट आबु मे आयोजित शिवीर मे शामिल हुआ हुं और वहाँ जाकर बहुत शांति और आनंद का अनुभव किया हुं । ईस कार्यक्रम मे योगेश तिवारी जी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।ईस अवसर पर कहा
आज के समय में मनुष्य के जीवन में सबसे बड़ी आवश्यकता ‘मानसिक शांति’ की है। ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा जो सेवा कार्य किए जा रहे हैं, वे समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले हैं। ‘ओम शांति’ सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि आत्मशक्ति और जीवन की स्थिरता का प्रतीक है।”
उन्होंने आगे कहा कि —
“पूनम दीदी जैसे आध्यात्मिक व्यक्तित्व हमें यह सिखाते हैं कि सच्ची सफलता वही है, जो शांति और संतुलन के साथ प्राप्त हो। तनावमुक्त जीवन ही वास्तविक आनंद और सुख का मार्ग है। छत्तीसगढ़ की पावन भूमि से शांति, सद्भाव और मानवीय मूल्यों का जो संदेश दिया जा रहा है, वह पूरे भारत ही नहीं बल्कि विश्व के लिए प्रेरणास्रोत है।”कार्यक्रम में पूनम बहन ने अपने प्रवचन में कहा कि “जब मन शांत रहता है, तो हर समस्या का समाधान अपने आप मिल जाता है।” उन्होंने उपस्थित जनों को सकारात्मक सोच, आत्मनियंत्रण और ध्यान के माध्यम से तनावमुक्त जीवन जीने के उपाय बताए।
प्रवचन के अंत में ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम स्थल “ओम शांति” के मंत्रोच्चार से गूंज उठा और उपस्थित जनों ने अत्यंत आत्मिक शांति का अनुभव किया।कार्यक्रम में नगर के वरिष्ठ नागरिक, मातृशक्ति, युवा वर्ग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।









