
रायपुर:सरकारी योजनाएं तभी असर दिखाती हैं, जब वे सीधे आमजन के जीवन में बदलाव लाएं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना ऐसी ही तस्वीर लिख रही है। मुंगेली जिले के ग्राम किरना की श्यामा नेताम इसका उदाहरण है। कभी मजदूरी और सीमित खेती पर आश्रित यह परिवार आज आत्मनिर्भरता की राह पर मजबूती से खड़ा है, वो भी एक छोटे से प्रयास और बड़ी सोच की वजह से।
श्यामा को बकरी पालन का अनुभव तो था, मगर पूंजी की कमी बड़ी बाधा थी। इसी बीच महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाले 1,000 रुपए ने उनकी उम्मीद को नई दिशा दी। श्यामा ने राशि खर्च करने के बजाय उसे कुछ महीने तक बचाया और उसी से एक बकरी खरीदी। यहीं से शुरू हुआ बदलाव का सफर, रकम भले छोटी थी, लेकिन हौसला बड़ा।










