
रायपुर:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप खेलों को नई ऊर्जा देने और छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति विकसित करने की पहल लगातार की जा रही है। इसी कड़ी में जशपुर जिले में छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट का आयोजन 11 से 13 अक्टूबर तक कराया जा रहा है। भारत में शतरंज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। यह खेल हमारी प्राचीन संस्कृति और ज्ञान की गहराई को दर्शाता है। शतरंज की शुरुआत भारत में ही चतुरंग नाम के खेल से हुई थी। कालांतर में यह पूरे विश्व में फैला। आधुनिक रूप में आने के बाद आज विश्वभर में इसे चेस के नाम से जाना जाता है। भारत के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया हैं। विश्वनाथन आनंद ने पहली बार भारत को विश्व चौंपियन बनाकर शतरंज की दुनिया में एक नई पहचान दिलाई और वे पांच बार वर्ल्ड चौंपियन बने। उनके बाद कोनेरू हंपी, हरिका द्रोणावल्ली, अर्जुन एरिगैसी, आर. प्राज्ञनानंदा, डी. गुकेश जैसे युवा खिलाड़ी भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रहे हैं।






