रायपुर:चातुर्मास प्रवचन माला का उद्घाटन सत्र प्रारंभ करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम वोरिया कला में चातुर्मास कर रहे परम पूज्य स्वामी डॉ.इन्दुभवानन्द तीर्थ जी महाराज ने चल रही शिव पुराण की कथा के प्रसंग में बताया कि ज्ञान केवल भगवान शिव से ही प्राप्त हो सकता है मुक्ति का ज्ञान और व्यवहारिक ज्ञान दोनों ही भगवान शिव से प्राप्त किया जा सकते हैं भगवान शंकर ज्ञान के निधान हैं, जब तक भगवान शिव की कृपा नहीं होती है तब तक जीव को मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती है और जब तक भगवान शिव की कृपा प्राप्त नहीं होती है तब तक नारायण की भी कृपा आप प्राप्त नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने कहा भगवान नारायण की कृपा प्राप्त करने के लिए भगवान शिव की कृपा प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है। भगवान शिव इस प्रकृति के अत्यंत सरल और सहज देव हैं इसलिए इन्हें आशुतोष के नाम से भी जाना जाता है श्रावण के मास में भगवान शिव मृतिका मिट्टी के रूप में विराजमान हो जाते हैं मिट्टी का लौंदा उठा करके उसकी आप पूजा करेंगे तो है वह पूजा भगवान शिव को प्राप्त हो जाएगी इसलिए सावन का महीना पूर्ण रूप से भगवान शिव के लिए समर्पित होता कथा के पूर्व यजमानों ने शिव पुराण की पोथी का पूजन किया तत्पश्चात आरती कर शिव पुराण की कथा प्रारंभ हुई।
ज्ञातव्य हो, कि शंकराचार्य आश्रम में डॉ.इन्दुभवानन्द तीर्थ महाराज का प्रथम चातुर्मास चल रहा है प्रातः काल से विभिन्न अनुष्ठीयमान कार्यक्रम चल रहे हैं प्रातः काल भगवान शिव का पार्थिव पूजन मध्यान्ह काल में भगवती की आरती एवं सायंकाल भगवान सिद्धेश्वर का रुद्राभिषेक एवं प्रवचन नित्य प्रति हो रहा है।









