रायपुर : .विवेकानंद महाविद्यालय व विप्र कला, वाणिज्य एवं शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “रिसर्च मेथोडोलॉजी एण्ड इम्प्लीमेंटेशन आफ स्टैटिकल टूल्स ” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे और अंतिम दिवस समापन समारोह मुख्य अतिथि प्रो. जी .ए. घनश्याम के गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर प्रो. जी .ए. घनश्याम ने उच्च शिक्षा में शोध के महत्व को रेखांकित करते हुए नए शोधार्थियों को अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हुए शोध कार्य को समाज ,राष्ट्र एवं विश्व के कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट शोध कार्य किसी भी राष्ट्र की विकास का आधार है ।आज जितने भी विकसित देश हैं ,उनके विकास का एक प्रमुख तत्व वहां पर निरंतर उत्कृष्ट शोध के माध्यम से नये अवसरों की खोज जारी रखना है। शिक्षा एवं शोध एक दूसरे के पूरक हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा गुणवत्तापूर्ण शोध पर निर्भर है ।
इसके पूर्व अतिथियों का स्वागत करते हुए विवेकानंद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज मिश्रा ने बताया कि डाटा एनालिसिस रिसर्च का आधार होता है ।इसलिए कार्यशाला में एक अच्छे रिसर्च के लिए आधारभूत प्रक्रिया को दो दिन में विषय विशेषज्ञों ने उदाहरण सहित समझाया। निश्चित ही यह कार्यशाला प्रतिभागियों को गुणवत्तापूर्ण शोधकार्य के लिए प्रेरित करेगा।
दूसरे दिवस के तकनीकी सत्र के विषय विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप चौरसिया( सांख्यिकी विभाग अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर) ने शोध प्रविधि और स्टैटिकल टूल्स विषय पर उदाहरण सहित शोध प्रक्रिया की व्याख्या किया। उन्होंने रिसर्च डिजाइन, डाटा कलेक्शन प्रक्रिया से अवगत कराते हुए डाटा एनालिसिस एवं परिकल्पना के सार्थकता स्तर के निर्धारण में एस.पी.एस.एस.एवं एमएस एक्सल का प्रयोग उदाहरण सहित समझाया। विप्र महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. आराधना शुक्ला ने कार्यशाला का सारांश प्रस्तुत किया। कार्यशाला में विशेषज्ञ सत्र संवादात्मक चर्चाएं एवं नेटवर्किंग के अवसर शामिल थे जो सभी प्रतिभागियों के लिए लाभदायक रहे प्राध्यापक को शोध छात्रों विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने अनुभवों को साझा किया । कार्यशाला के समापन सत्र में मुख्य अतिथि द्वारा समस्त प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। अंत में आभार प्रदर्शन अनुसंधान विभाग के संयोजक विवेकानंद महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. आशीष दुबे ने किया। उपरोक्त जानकारी देते हुए विप्र कॉलेज के प्राचार्य डॉ.मेघेश तिवारी ने बताया कि इस दो दिवसीय कार्यशाला में शोधकर्ताओं को शोध पद्धति और सांख्यिकी विश्लेषण में आवश्यक कौशल प्रदान कर गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला का लाभ दोनों महाविद्यालय के प्राध्यापको सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने लिया। निश्चित आने वाले समय में प्रतिभागियों के शोध कार्य में इस कार्यशाला का महत्वपूर्ण भूमिका दिखेगा।









