
रायपुर:अमेरिका में कोलंबिया यूनिवर्सिटी में इसराइल और यहूदियों के खिलाफ प्रदर्शन आयोजित करने वाले मोहम्मद खलील का अमेरिका ने ग्रीन कार्ड और PR रद्द कर दिया गया और उसे अब सीरिया डीपोर्ट किया जा रहा है।
अभी मोहम्मद खलील जेल में है
उसकी पत्नी अमेरिकी है
अमेरिका ने उसकी पत्नी के सामने दो ऑप्शन रख दिए हैं गए हैं ।या तो तुम अपने पति से तलाक ले लो ।या अपने पति के साथ सीरिया चली जाओ।जाहिर सी बात है अमेरिका में पैदा हुई पहली बड़ी अमेरिकी लड़की अब सीरिया जाना तो पसंद नहीं करेगी
यह अब तक का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सबसे कड़ा निर्णय है जो उन्होंने इसराइल और यहूदियों के प्रदर्शन के खिलाफ लिया है
हालात ऐसे हो गए तीन और यूनिवर्सिटी में इजरायल और यहूदियों के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लिखित में माफी मांग रहे हैं कि वह भविष्य में कभी ऐसा नहीं करेंगे उन्हें माफी का एक मौका दिया जाए ।
दूसरी ओर भारत है जहां जेएनयू में एक लड़की अपने साथियों के साथ नारे लगा रही थी ” तिलक तराजू और तलवार उनको मारो जूते चार ”
कोई एक इमरान मसूद नारे लगाता है मैं मोदी के बोटी बोटी काट डालूंगा उसे खुश होकर उसे सांसद बना देते हैं।
जेएनयू में कोई नारा लगाता है भारत तेरे टुकड़े होंगे ।कोई नक्सली के समर्थन में नारा लगाता है तो कोई देशद्रोहियों को महिमा मंडित करता है।कोई कश्मीर के आतंक वादियों का समर्थन करता है। कोई भारतीय सैनिकों के मारे जाने की खुशी मनाता है।
यह दो अलग-अलग घटना है, एक ने अमेरिका यूनिवर्सिटी में इसराइल के खिलाफ हमास का समर्थन किया तो उसे अमेरिका ने भगा दिया और दूसरी तरफ JNU है जो खुलेआम आम भारत विरोधी अभियान चलाता है, लेकिन इसे कोई सजा नहीं मिलती बल्कि यह सेलिब्रिटी बन जाती है, कन्हैया कुमार को जेएनयू से नेता बनाया भारत के टुकड़े करने के नारे लगाने पर ऐसे ही जेएनयू की इस लड़की को भी जिसने तिलक तराजू और तलवार इनको मारो जूते चार लगाए इसे भी कोई दल नेता बना देगा ।
दुनिया के किसी देश में अपने ही देश को और अपने ही समाज को गाली देने की आजादी नहीं है लेकिन भारत में अपने देश को और बहुसंख्यक धर्म को और समाज को गाली देकर लोग नेता बन जाते हैं।
भारत में भी भारत को गाली देने वालों की सजा अब बढ़ानी चाहिए इन्हें इनाम नहीं सजा मिलनी चाहिए और जो भी इन लोगों का समर्थन करें इन्हें प्रमोट करें उन पर भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
अमेरिका ने एक झटके में भगा दिया तो फिर भारत में यह लोग भारत का विरोध कर कर कैसे सेलिब्रिटी बन सकते हैं। भारत को भारत सरकार को और समाज को मंथन करना होगा।
।। मनोज शुक्ला।।







