रायपुर: शंकराचार्य आश्रम के प्रमुख ब्रह्मचारी डां. इन्दुभवानन्द महाराज की प्रयागराज महाकुम्भ में आज दण्ड सन्यास दीक्षा हुई है।पश्चिमाम्नाय द्वारका शारदा पीठाधीश्वर श्रीमज्जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानन्द सरस्वती जी महाराज से दण्ड सन्यास दीक्षा लेने के उपरांत दण्डी स्वामी इन्दुभवानन्द तीर्थ जी महाराज हुए।
पूज्य ब्रह्मचारीजी का जन्म ग्राम सूखा जबलपुर में हुआ, वैदिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए आप बनारस चले गए और बाद अध्यापनकार्य कर पूज्यपाद श्रीमद् जगतगुरु शंकराचार्य ज्योतिष पीठाधीश्वर एवं द्वारिका शारदा पीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के द्वारा ब्रह्मचारी की दीक्षा मिली।
स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के द्वारा ब्रह्म चारी जी की प्रतिभा को ध्यान में रखकर वैदिक ज्ञान और सनातन धर्म प्रचार के लिए छत्तीसगढ़ प्रांत का दायित्व सौंप कर श्री शंकराचार्य आश्रम रायपुर का प्रभारी बनाकर भेजा गया।डॉ. इन्दुभवानन्द महाराज के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के सनातन प्रेमियों एवं वैदिक प्रचार एवं ज्ञान का कार्य भली भांति चलता रहा। विभिन्न संस्थाओं को इन्दुभवानन्द महाराज के प्रतिभा व मार्गदर्शन का लाभ मिलता रहा।
आज राजधानी सहित छत्तीसगढ़ के सनातन धर्मियों का भाग्य है कि डॉ.इन्दुभवानन्द महाराज जैसे योग्य और मृदुभाषी को दंडी संन्यासी के रूप में पाएंगे और उनके अनुभव का लाभ छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारतवर्ष को प्राप्त होगा।छत्तीसगढ़ राज्य और राजधानी रायपुर के गौरव एवं पश्चिमाम्नाय द्वारका शारदा पीठ के दण्डी सन्यासी के स्वागत के लिए राजधानी सहित छत्तीसगढ़वासी आतुर हैं।











