मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में बस्तर क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज हो गई है और इसका ताजा उदाहरण नेशनल हाईवे 30 पर स्थित केशकाल घाटी है। केशकाल घाटी को बस्तर की लाइफ लाइन के रूप में जाना जाता है, क्योंकि इस घाटी से ही होकर बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों एवं ओड़िसा, आंध्रप्रदेश सहित तेलंगाना तक पहुँचा जाता है। नेशनल हाईवे पर स्थित केशकाल घाटी प्रमुख मार्ग होने के साथ साथ बस्तर क्षेत्र के व्यवसायिक विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। आज से दो महीने पहले यह घाटी जर्जर स्थिति में थी इस कारण यहाँ से गुजरने वाले लोग धुल एवं लम्बी जाम से परेशान थे। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने घाटी की कायाकल्प के लिए कार्य योजना तैयार किया, फलस्वरूप आज घाटी पूरी तरह से बन कर तैयार है और गाड़ियाँ घाटी से फर्राटे भर रही हैं। केशकाल घाट में मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद बीते शुक्रवार को सुबह सभी प्रकार के वाहनों के आवाजाही बहाल हो गई है। घाटी के नवीनीकरण से यातयात में सुगमता आएगी, साथ ही इससे क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को भी बढ़ावा मिलेगा।
घाटी के दीवारों के वॉल पेंटिंग बना आकर्षण का केंद्र
केशकाल घाटी मरम्मत कार्य के साथ-साथ घाटी के दीवारों पर बस्तर की संस्कृति, कला, पर्यटन को चित्रित किया गया है, जिससे घाटी आकर्षण का केंद्र बन गया है। घाटी को अब लोग फूलों की घाटी के नाम के साथ-साथ अब खुबसूरत वॉल पेंटिंग के लिए भी जाना जाएगा।







