
रायपुर:देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आकाशवाणी में अपने “मन की बात” कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार द्वारा बस्तर में आयोजित किये जा रहे “बस्तर ओलंपिक” के संदर्भ में अपने भावों को साझा किया। प्रधानमंत्री ने कहा”बस्तर में एक अनूठा ओलंपिक शुरू हुआ है! जी हाँ, पहली बार हुए बस्तर ओलंपिक से बस्तर में एक नई क्रांति जन्म ले रही है। मेरे लिए ये बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ है। आपको भी ये जानकर अच्छा लगेगा कि यह उस क्षेत्र में हो रहा है, जो कभी माओवादी हिंसा का गवाह रहा है। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर है – ‘वन भैंसा’ और – ‘पहाड़ी मैना’। इसमें बस्तर की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखती है।”
प्रधानमंत्री श नरेंद मोदी द्वारा “बस्तर ओलंपिक” के लिए प्रोत्साहन और प्रशंसा रूपी कहे गए शब्द छत्तीसगढ़ में सुशासन की सार्थकता सिद्ध करता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आभार व्यक्त करते हुए कहा यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, “बस्तर ओलंपिक” के सफल आयोजन पर आपके प्रोत्साहन और प्रेरणादायी उद्बोधन हेतु समस्त प्रदेशवासियों की ओर से सहृदय आभार!
आपके कुशल मार्गदर्शन में हमारी सरकार बस्तर में बदलाव और यहाँ के लोगों के जीवन में खुशहाली लाने संकल्पित है। बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक लोगों का प्रतिभाग करना ओलंपिक की सफलता को दर्शाता है।सुकमा की पायल कवासी, दोरनापाल के पुनेम सन्ना, कोंडागांव के तीरंदाज रंजू शोरी और कारी कश्यप ने अपनी बेहतरीन खेल प्रतिभा से मैडल जीता और बस्तर का मान बढ़ाया है।
बस्तर में अब बंदूक की आवाज नहीं, खेलों की शोर सुनाई देती है, हंसते-खेलते लोगों के चेहरे दिखाई देते हैं।उन्होंने कहा निश्चित ही आपके इस प्रोत्साहन और विश्वास से हमारी सरकार को बस्तर की प्रगति के लिए कार्य करने की और ऊर्जा मिलेगी, साथ ही बस्तरवासियों का मनोबल बढ़ेगा।










