दिल्ली:नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा वित्त मंत्री जी ने बजट में इंटर्नशिप प्रोग्राम की बात की। ये एक मजाक है, क्योंकि आपने कहा कि इंटर्नशिप प्रोग्राम देश की 500 बड़ी कंपनियों में होगा।
99% युवाओं का इस प्रोग्राम से कोई लेना-देना नहीं है.. यानि आपने पहले टांग तोड़ दी, फिर आप बैंडेज लगा रहे हैं।सच्चाई ये है कि आपने बेरोजगारी और पेपर लीक का चक्रव्यूह बना दिया है। उन्होंने कहा युवाओं के लिए पेपरलीक आज सबसे बड़ा मुद्दा है, लेकिन बजट में इसकी बात नहीं की गई। इसके उलट आपने शिक्षा का बजट घटा दिया है।20 अफसरों ने देश का बजट बनाने का काम किया है।इन 20 अफसरों में से सिर्फ एक अल्पसंख्यक और एक OBC हैं।राहुल गांधी ने कहा देश का मध्यम वर्ग शायद इस बजट से पहले प्रधानमंत्री को सपोर्ट करता था।क्योंकि जब कोरोना में प्रधानमंत्री ने मध्यम वर्ग से थाली बजाने और मोबाइल की लाइट जलाने के लिए कहा, तो उन्होंने ये सब किया।लेकिन इस बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Indexation और Capital gain tax बढ़ाकर मध्यम वर्ग के लोगों पर ही प्रहार किया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “हजारों साल पहले कुरूक्षेत्र में 6 लोगों ने अभिमन्यु को ‘चक्रव्यूह’ में फंसा कर मारा था।मैंने थोड़ा रिसर्च किया और पता चला कि ‘चक्रव्यूह’ का दूसरा नाम होता है ‘पद्मव्यूह’- जिसका अर्थ है ‘कमल निर्माण’। ‘चक्रव्यूह’ कमल के फूल के आकार का है। 21वीं सदी में एक नया ‘चक्रव्यूह’ रचा गया है- वो भी कमल के फूल के रूप में तैयार हुआ है। इसका चिन्ह प्रधानमंत्री अपने सीने पर लगाकर चलते हैं। अभिमन्यु के साथ जो किया गया, वह भारत के साथ किया जा रहा है – युवा, किसान, महिलाएं, छोटे और मध्यम व्यवसाय के साथ वही किया जा रहा है…आज भी ‘चक्रव्यूह’ के केंद्र में 6 लोग हैं…जैसे पहले 6 लोग कंट्रोल करते थे वैसे आज भी 6 लोग कंट्रोल कर रहे हैं -नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, अजीत डोभाल, अंबानी और अडानी।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के हस्तक्षेप के बाद राहुल गांधी ने कहा, “…अगर आप चाहते हैं तो मैं एनएसए, अंबानी और अडानी का नाम हटा देता हूं और सिर्फ 3 नाम लूंगा।”










