रायपुर.: शासकीय नागार्जुन स्नाकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय रायपुर और विप्र महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में क्वांटम कंप्यूटिंग विषय पर आयोजित तीन दिवसीय नेशनल सेमिनार के अंतिम दिवस समापन समारोह हेमचंद विश्वविद्यालय के डॉ. प्रशांत कुमार श्रीवास्तव मुख्य अतिथि तथा डॉ. राजेंद्र लाकपाले, इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय रायपुर की अध्यक्षता एवं प्रो. पी.सी. चौबे ,प्राचार्य शासकीय नागार्जुन स्नाकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय की विशिष्ट उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

तीन दिवसीय सेमिनार के समापन अवसर पर प्रोफेसर प्रशांत श्रीवास्तव ने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग आज की आवश्यकता है। इस विषय में सेमिनार के द्वारा विद्यार्थियों को तेजी से बदलती और विकसित हो रही नई तकनीक की जानकारी मिली है ।जिससे उनका आत्मविश्वास बना रहे और तकनीक के क्षेत्र में पीछे ना रहे ।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ.राजेंद्र लाकपाले ने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग से डाटा एनालिसिस करना आसान हो गया है। इससे मौसम विज्ञान जैसे क्षेत्र में सही अनुमान लगाने में सहायता मिलती है ।इसी तरह हर क्षेत्र में जहां डाटा एनालिसिस की आवश्यकता है, क्वांटम कंप्यूटिंग महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। डॉ पीसी चौबे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग आने वाले समय में रिसर्च के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाला है ।इसलिए इस विषय पर सार्थक चर्चा आवश्यक है। प्राचार्य डॉ.मेघेश तिवारी ने सेमिनार का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि तीन दिन तक क्वांटम कंप्यूटिंग पर विषय विशेषज्ञो द्वारा चर्चा निश्चित ही विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगा।अतिथियों के उदबोधन उपरांत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया।अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इसके पूर्व तीन दिवसीय सेमिनार के अंतिम दिवस में प्रथम व्याख्यान ऑनलाइन मोड में डॉ अमित कुमार मिश्रा एसोसिएट प्रोफेसर और प्रमुख कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग सागर इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एसआईएसटीईसी) भोपाल, मध्य प्रदेश ने शोधकर्ताओं को जानकारी दी। उन्होंने क्वांटम कंप्यूटिंग रिसिविंग फ्यूचर के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में परिवर्तन होना बहुत आवश्यक है, जितने भी बिजनेस कंपनी है अगर वह आने वाले 10 साल में स्वयं को विज्ञान के विकास के अनुरूप परिवर्तित नहीं करते तो उनका अस्तित्व खतरे पर होगा। कंप्यूटर इनफार्मेशन के लिए बीट आधारभूत इकाई है ,जिसके द्वारा वेबसाइट, एप, इमेज प्रोग्राम, टेक्स्ट आदि बनाए जाते हैं । क्वांटम कंप्यूटिंग में एल्गोरिथम और प्रोटोकॉल के उपयोग से विभिन्न प्रकार के एप्लीकेशन को परफॉर्म करने में आसानी होती है। क्वांटम कंप्यूटिंग में क्वांटम टनलिंग इफेक्ट का उपयोग करके ट्रांजिस्टर में बिट के कार्य को अच्छी तरह से किया जा सकता है।

द्वितीय व्याख्यान डॉ. गोल्डी सोनी सहायक प्राध्यापक ने दिया ।इन्होंने क्लासिक कंप्यूटिंग और क्वांटम कंप्यूटिंग के बारे में जानकारी दी। तथा छात्रों को सरल तथा सहज तरीके से क्वांटम कंप्यूटिंग डाटा प्रोसेस के बारे में बताया एवं अंतिम में छात्रों के प्रश्नों को भी बहुत ही सहज तरीके से समाधान किया।मंच का संचालन डॉक्टर कंचन मिश्रा ने किया।

सेमिनार के संयोजक मोहित श्रीवास्तव ने प्रोग्राम की रूपरेखा बताते हुए कहां की 3 दिन तक चलने वाले इस सेमिनार में ऑफलाइन व ऑनलाइन मोड में जुड़े विशेषज्ञों ने अलग-अलग जानकारी देते हुए क्वांटम को भविष्य का एक परिवर्तित रूप बताया है। इस अवसर पर समस्त प्राध्यापकों सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित थे।










