प्रदेश

समाधान कॉलेज द्वारा मंगलमैत्री और जागरूकता कार्यक्रम का ग्राम फरी में आयोजन:योगेश तिवारी हुए ,शामिल

109views
Share Now

बेमेतरा:सर्वतोमुखी समाधान शिक्षा संस्कार समिति द्वारा संचालित समाधान महाविद्यालय एवं समाधान आईटीआई के संयुक्त तत्वाधान में शोध ग्राम फरी में समाधान उत्सव, मंगलमैत्री और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि श्री देवनारायण साहू, प्रांत प्रमुख, विद्या भारती रायपुर से रहे। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि ग्रामीण उत्थान का लक्ष्य गांव में संगठन का भाव विकसित करने से ही संपन्न होगा। हमें मेरा गांव मेरा तीर्थ के भाव से सभी को शामिल होकर अपनी भागीदारी देनी होंगी। कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में  योगेश तिवारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्व हिंदू समाज व भाजपा किसान नेता रहें। उन्होंने अपने वक्तव्य कहा कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव अच्छी सोच के साथ संपन्न होता हैं, जिसकी शुरुआत समाधान महाविद्यालय ने कर दी हैं। विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने कहा फरी गांव को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने का कार्य सबकी भागीदारी से संपन्न होगा। सभी को नशा और अपराधमुक्त होना होगा। स्कूल प्रांगण को हमेशा स्वच्छ रखें व विद्या के इस मंदिर की गरिमा को बनाए रखा जाए। जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा ने बधाई देते हुए कहा कि समाधान महाविद्यालय द्वारा फरी गांव को गोद के रूप में लेने का उद्देश्य ग्रामीण उत्थान करना है। समाधान महाविद्यालय सामाजिक सरोकार के क्षेत्र में बहुत उत्कृष्ट कार्य कर रहा हैं।

*महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. अवधेश पटेल ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस कार्यक्रम को करने का परम उद्देश्य फरी ग्राम को शोधग्राम के रूप में विकसित करना हैं। तत्पश्चात उन्होंने सर्वेक्षण की रिपोर्ट ग्रामवासियों के समक्ष रखी। बीएड के छात्राध्यापक एवं छात्राध्यापिकाओं द्वारा कम्युनिटी वर्क के दौरान ग्राम फरी का सर्वेक्षण किया था। इस सर्वेक्षण का प्रपत्र मानव के जीने की पांच आयाम- शिक्षा संस्कार योजना, उत्पादन कार्य योजना, विनिमय कोष योजना, स्वास्थ्य-संयम योजना व न्याय सुरक्षा योजना से संबंधित था। इस प्रपत्र में 70 प्रश्न सभी ग्राम परिवारों से पूछे गए थे। सर्वेक्षण रिपोर्ट में गांव के परिवारों की सामान्य जानकारी दी- गांव में कुल 1179 लोग रहते हैं जिसमें 63 प्रतिशत शिक्षित तथा 64 प्रतिशत लोगों की आय का स्रोत कृषि हैं। इस गांव में साइकिल 138, मोटरसाइकिल 140, कार 5 ,अन्य साधन 41, टीवी 158, कंप्यूटर 02, लैपटॉप 01,मोबाइल 318, टेलीफोन 02, शौचालय 82 प्रतिशत घरों में हैं। गांव में आवश्यकता की वस्तु जैसे कपड़े, मोबाइल व मोटरसाइकिल आदि आवश्यकता अनुरूप उपलब्ध हैं। इस सर्वे में कुछ समस्याएं भी निकाल कर सामने आयी जैसे नाली,गंदगी ,पेयजल, सड़क, विद्युत व कचरा प्रबंधन की समस्या।

*शिक्षा संस्कार संबंधी आकलन-इस आकलन में कुछ अच्छी बातें निकाल कर सामने आयी जैसे गांव में शिक्षक छात्र संबंध बहुत अच्छा हैं, 73 प्रतिशत विद्यार्थी शिक्षक को अपना प्रेरणा स्रोत मानते हैं। पालक शिक्षक का संबंध भी अच्छा है एवं पालक पढ़ाई से संतुष्ट हैं। बच्चे पालक के आज्ञा का पालन करते हैं पता कुछ बच्चों में अनुशासन होता दिखाई देती है तो इसके लिए पालक स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं।स्वास्थ्य संबंधी सर्वे में सबसे प्रमुख समस्या नशे की समस्या हैं जिसमें एक वर्ष में लगभग 15 लाख से अधिक रुपए फूंका जाता हैं तथा अंग्रेजी दवाइयों एवं इलाज में लगभग 49 लाख रुपए प्रति वर्ष खर्च किया जाता हैं। अधिकांश ग्रामीण परिवारों ने अपने बीमार होने का कारण वातावरण, गंदगी, मच्छर,नशा व अनुचित खान -पान को बताया। न्याय सुरक्षा संबंधी आकलन-गांव के 79 प्रतिशत परिवार साथ-साथ संबंधपूर्वक रहते हैं। वर्तमान न्याय व्यवस्था से 36 प्रतिशत न्याय व केवल 64 प्रतिशत केवल फैसला मिलता हैं। अपने घर के झगड़ों को स्वयं परिवार में ठीक करते हैं तथा कुछ मामलों के लिए पुलिस थाना व कचहरी जाते हैं। इसके अलावा उत्पादन कार्य व विनिमय कोष संबंधी आंकड़े प्रस्तुत किये।*

*गांव में स्वच्छता व स्वास्थ्य के लिए जागरूकता रैली भी निकाली गई। बेमेतरा जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  पंकज पटेल ने अपने वक्तव्य में कहा कि सर्वे रिपोर्ट में गांव के आर्थिक, सामाजिक व पारिवारिक स्थिति के बारे में सूक्ष्मता व बारीकी बताया गया हैं। इससे स्पष्ट होता है कि गांव में क्या-क्या सुधार की आवश्यकता हैं।
*इस कार्यक्रम में समाधान महाविद्यालय समस्त स्टॉफ, सभी विद्यार्थी, व फरी गांव के शासकीय प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक, शिक्षक व 1000 से अधिक ग्रामीण उपस्थित थें।

Share Now

Leave a Response