रायपुर:छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन द्वारा संचालित विप्र कला , वाणिज्य एवं शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग एवम वीतराग रिसर्च फाउंडेशन, रायपुर, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में डेवेलपमेंट ऑफ इंटर्नशिप प्रोग्राम, ए फ्यूचर मॉडल विषय पर आयोजित तीन दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस के द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में वक्ता के रुप में डा. सी.वी. रमन यूनिवर्सिटी से डॉ. रितेश मिश्रा ने कहा कि इंटर्नशिप ऐसी होनी चाहिए जिससे बच्चों के ज्ञानात्मक भावात्मक एवम क्रियात्मक पक्षों का विकास हो सके एवम प्रशिक्षित शिक्षक तैयार हो सकें और फ्यूचर मॉडल के लिए पियर टू पियर लर्निंग हो सके। तीन दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस के द्वितीय तकनीकी सत्र में वक्ता महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र से डॉ गौरी शर्मा ने कहा कि शिक्षक की भूमिका सुविधादाता की होनी चाहिए एवम विद्यार्थी अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं करे जिससे बच्चों में सृजनात्मकता का विकास हो सके। कॉन्फ्रेंस की संयोजक एवं शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. दिव्या शर्मा ने कहा की विषय विशेषज्ञ द्वारा एक व्यावहारिक उपागम के साथ कॉन्फ्रेंस की मुख्य धारा पर प्रकाश डालकर कॉन्फ्रेंस को सार्थक बनाने का कार्य किया है. वीतराग रिसर्च फाउंडेशन से विशेष रूप से डॉ. रोली तिवारी उपस्थित रहीं. आयोजन सचिव सारिका त्रिवेदी के समन्वयन में संचालन सोनिया ईसरानी व रसिका मालवीय द्द्वारा किया गया।
यह जानकारी देते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ मेघेश तिवारी ने बताया कि डेवेलपमेंट ऑफ इंटर्नशिप प्रोग्राम, ए फ्यूचर मॉडल विषय पर आयोजित तीन दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस के समापन दिवस प्रो. अंजनी शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग मुख्य अतिथि के द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया जाएगा। हरिशंकर कॉलेज की प्राचार्य डॉ ममता शर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी।















