रायपुर:

रायपुर जिले में बड़े पैमाने पर पपीते की खेती को लेकर उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को प्रोत्साहन एवं प्रशिक्षण दिए जाने की सिलसिला शुरू कर दिया गया है। एक उत्पाद-एक जिला योजना के तहत रायपुर जिले का चयन पपीते की खेती के लिए हुआ है। किसानों को उन्नत और रोग-प्रतिरोधी क्षमता वाले पपीते के पौधे उपलब्ध हो सके, इसके लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ हार्टिकल्चर बैंगलोर में विकसित अर्का प्रभात किस्म का पपीता का पौधा रायपुर लाया गया है। इसकी मदद से नर्सरी तैयार कर किसानों को रोपण के लिए अर्का प्रभात पौधा उपलब्ध कराए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
रोग-प्रतिरोधक है अर्का प्रभात
पपीता की नई प्रजाति अर्का प्रभात की विशेषता यह है कि यह स्पॉट वायरस रसिस्टेंट है। इसमें वायरस से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होने के कारण पौधा रोग-रहित रहता है।









