


रायपुर:गेड़ी पर चढ़कर सरपट चले मुख्यमंत्री।
इतनी ऊर्जा जैसी किसी किशोर में दिखती है।
फिर रहचुली झूले की ओर बढ़े।मुख्यमंत्री आवास हरेली के मेले ग्राउंड जैसा लग रहा।बिल्कुल पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिवेश।रहचुली झूले में अपनी बिटिया और नातिन के साथ चढ़े मुख्यमंत्री।
लोक संस्कृति का सुंदर दृश्य,अपने हाथों में रखकर मुख्यमंत्री ने भौंरा चलाया।
छत्तीसगढ़ी संस्कृति में रचे बसे उनके बचपन की झलक आज इस कुशलता में दिख रही है। हरेली तिहार के मौके पर परंपरागत खेलों का भी सुंदर आयोजन होता आया है।अपने पोते को भी साथ लेकर पहुंचे हैं मुख्यमंत्री।आने वाली पीढ़ी भी अपने सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर आगे बढ़े, यह मुख्यमंत्री का प्रयास है।








